सतगुरु जी ने मिलवा हालो रे लिरिक्स भजन
Satguru Ji Ne Milva Halo Re Lyrics
सजलो ने सिंगार सुरता,
सजलो ने सिंगार रे ।
सतगुरु जी ने मिलवा हालों रे,
सजलो ने सिंगार ।।टेर।।
निर्मल नीर सीर पर रालो,
कचरो परू निवार ।
राम नाम रो साबू लगा दे,
साफ करो तन सार रे ।
सांवरिया ने मिलवा हालो रे,
सजलो ने सिंगार ।।टेर।।
गम रो गागरो पेर सुहागन,
नेम रो नाडो बाँध ।
जरना री गाँठ जगत कर दीजो,
वीकरे हंसे संसार रे ।
सांवरिया ने मिलवा हालो रे,
सजलो ने सिंगार ।।टेर।।
चेतन चुनड़ी ओढ़े सुहागन,
प्रेम री पटली पाड़ ।
राम नाम री तार लगादे,
जड़ रिजे भरतार ।
सांवरिया ने मिलवा हालो रे,
सजलो ने सिंगार ।।टेर।।
ओपरा पियू ने निजर भर निरखो,
अजर अमर भरतार ।
लुलखे सीस निवावो जिनने,
उतरे सिर रो भार रे ।
रामैया ने मिलवा हालो रे,
सजलो ने सिंगार ।।टेर।।
नाथ गुलाब गुरु मिलिया पुरा,
सिर पर पंधो धार,
भवानी नाथ सतगुरुजी रे शरणे,
सेहजा हो जाए पार ।
सावरिया ने मिलवा हाल रे,
सजलो ने सिंगार ।।टेर।।
सतगुरु जी ने मिलवा हालो रे,
सजलो ने सिंगार ।
सजलो ने सिंगार,
सुरता सजलो ने सिंगार रे,
सतगुरु जी ने मिलवा हालों रे,
सजलो ने सिंगार ।।टेर।।
प्रेषक : हर्षिता
सिंगर : प्रकाश दास जी
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