12 फरवरी 2026 पंचांग: एकादशी तिथि, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और चौघड़िया पूरी जानकारी
यदि आप आज का पंचांग 12 फरवरी 2026 जानना चाहते हैं, तो यहाँ आपको तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और चौघड़िया की संपूर्ण जानकारी उज्जैन मानक समय के अनुसार दी जा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार दिन की शुरुआत और महत्वपूर्ण कार्यों का निर्णय शुभ समय देखकर करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। सही मुहूर्त में किया गया कार्य सफलता, शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
आज का पंचांग 12 फरवरी 2026 (उज्जैन मानक समय)
आज 12 फरवरी 2026, गुरुवार का दिन है। विक्रम संवत् 2082 के अनुसार यह फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि है, जो दोपहर 12:22 बजे तक रहेगी, उसके बाद एकादशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज ज्येष्ठा नक्षत्र दोपहर 01:42 तक रहेगा, तत्पश्चात मूल नक्षत्र प्रारंभ होगा। हर्षण योग रात्रि 03:06 (13 फरवरी) तक रहेगा, इसके बाद वज्र योग लगेगा।
| पंचांग तत्व | विवरण |
|---|---|
| दिन | गुरुवार |
| विक्रम संवत् | 2082 |
| अयन | उत्तरायण |
| ऋतु | शिशिर |
| मास | फाल्गुन |
| पक्ष | कृष्ण |
| तिथि | दशमी दोपहर 12:22 तक, तत्पश्चात् एकादशी |
| नक्षत्र | ज्येष्ठा दोपहर 01:42 तक, तत्पश्चात् मूल |
| योग | हर्षण रात्रि 03:06 (13 फरवरी) तक, तत्पश्चात् वज्र |
| सूर्योदय | 07:01 |
| सूर्यास्त | 06:21 |
| राहुकाल | 02:06 से 03:31 |
| दिशा शूल | दक्षिण |
| ब्रह्ममुहूर्त | 05:20 से 06:11 |
| अभिजीत मुहूर्त | 12:19 से 01:04 |
| निशिता मुहूर्त | 12:16 से 01:06 (13 फरवरी) |
सूर्योदय 07:01 बजे और सूर्यास्त 06:21 बजे होगा। राहुकाल दोपहर 02:06 से 03:31 तक रहेगा। दिशा शूल दक्षिण दिशा में है, इसलिए इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। ब्रह्ममुहूर्त 05:20 से 06:11 तक और अभिजीत मुहूर्त 12:19 से 01:04 तक रहेगा।
पंचांग की गणना और खगोलीय आधार के बारे में विस्तृत जानकारी आप विकिपीडिया के हिंदू कैलेंडर पेज पर पढ़ सकते हैं|
आज की तिथि का महत्व: दशमी से एकादशी
दशमी तिथि (12:22 तक)
दशमी को विजय और संतुलन की तिथि माना गया है। यह संकेत देती है कि जिसने अपने मन पर विजय प्राप्त कर ली, वही जीवन में सफलता प्राप्त करता है।
शास्त्रों में दशमी के दिन कुछ विशेष आहार त्याज्य बताए गए हैं, जैसे कलंबी का शाक, जिससे संयम और सात्त्विकता का पालन हो।
एकादशी तिथि (12:22 के बाद)
एकादशी आत्मशुद्धि और उपवास की तिथि है। यह केवल भोजन त्याग का दिन नहीं, बल्कि विचारों की शुद्धि और इंद्रियों के नियंत्रण का अवसर है।
एकादशी का संदेश है —
“इंद्रियों पर नियंत्रण ही आध्यात्मिक उन्नति का प्रथम चरण है।”
शास्त्रों में एकादशी के दिन शिम्बी (सेम) का सेवन वर्जित बताया गया है।
आज की तिथि का महत्व: दशमी और एकादशी का आध्यात्मिक संदेश
12 फरवरी 2026 की दशमी और एकादशी तिथि आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। दशमी तिथि धर्म पालन, संयम और सकारात्मक संकल्प लेने का दिन है। इस दिन किए गए दान, जप और पुण्य कर्म का विशेष फल प्राप्त होता है।
दोपहर बाद एकादशी तिथि प्रारंभ होने से भगवान विष्णु की उपासना का महत्व बढ़ जाता है। एकादशी को मन और इंद्रियों की शुद्धि का दिन माना जाता है। उपवास, ध्यान और भक्ति से मानसिक शांति प्राप्त होती है और नकारात्मक विचारों का नाश होता है। जो व्यक्ति नियमित रूप से एकादशी का पालन करता है, उसके जीवन में स्थिरता और आध्यात्मिक उन्नति आती है।
आज के शुभ योग: हर्षण योग का प्रभाव और कार्य सिद्धि का महत्व
आज हर्षण योग विद्यमान है, जो नाम के अनुसार हर्ष और प्रसन्नता प्रदान करने वाला योग माना जाता है। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है। विशेष रूप से शिक्षा, निवेश, व्यापार प्रारंभ, धार्मिक कार्य और नए निर्णय लेने के लिए यह समय अनुकूल माना जाता है।
यदि किसी दिन अमृतसिद्धि या सर्वार्थसिद्धि योग बनते हैं तो वे अत्यंत शुभ माने जाते हैं, परंतु आज का हर्षण योग भी सकारात्मक परिणाम देने वाला है। सही मुहूर्त का चयन करके कार्य प्रारंभ करने से बाधाएं कम होती हैं और कार्य सिद्धि की संभावना बढ़ती है।
आज का शुभ मुहूर्त: सही समय पर कार्य करने का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में किया गया कार्य दीर्घकालिक सफलता प्रदान करता है। आज का ब्रह्ममुहूर्त साधना, ध्यान और मंत्र जप के लिए श्रेष्ठ है। अभिजीत मुहूर्त 12:19 से 01:04 तक रहेगा, जो नए कार्य, व्यवसाय आरंभ और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
निशिता मुहूर्त रात्रि 12:16 से 01:06 (13 फरवरी) तक रहेगा, जो विशेष साधना और आध्यात्मिक अनुष्ठान के लिए उपयोगी है। राहुकाल के समय नए कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए।
आज का चौघड़िया: दिनचर्या को व्यवस्थित करने का पारंपरिक साधन
चौघड़िया भारतीय समय गणना की पारंपरिक पद्धति है, जिसके माध्यम से दिन और रात्रि को शुभ और अशुभ समय में विभाजित किया जाता है। 12 फरवरी 2026 के दिन सूर्योदय 07:01 बजे से प्रारंभ होकर सूर्यास्त 06:21 बजे तक दिन का चौघड़िया लागू रहेगा।
शुभ, लाभ, अमृत और चर चौघड़िया को कार्य प्रारंभ के लिए उत्तम माना जाता है। वहीं काल, राहु और उद्वेग चौघड़िया में महत्वपूर्ण कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए। यदि आप व्यापार, निवेश, यात्रा या किसी महत्वपूर्ण निर्णय की योजना बना रहे हैं, तो शुभ चौघड़िया का चयन करना लाभकारी रहेगा।
आज के चौघड़िया की पूरी जानकारी यहाँ देखें
आज का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित है। आज एकादशी तिथि का प्रारंभ होने से विष्णु पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। पीले वस्त्र धारण करना, केले के वृक्ष की पूजा करना और जरूरतमंद को दान देना शुभ माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन आध्यात्मिक उन्नति और आत्मचिंतन के लिए उपयुक्त है।
आज क्या करें: सकारात्मक परिणाम देने वाले कार्य
आज भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करें। पीले वस्त्र धारण करें और संभव हो तो व्रत का संकल्प लें। जरूरतमंद को भोजन या वस्त्र दान करें। माता-पिता और गुरु का आशीर्वाद लें। दक्षिण दिशा में यात्रा करने से बचें।
मातृ-पितृ पूजन दिवस का संदेश
14 फरवरी को मनाया जाने वाला मातृ-पितृ पूजन दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि सच्चा प्रेम केवल आकर्षण नहीं, बल्कि कृतज्ञता और सेवा है।
शास्त्रों में कहा गया है:
“सर्वतीर्थमयी माता, सर्वदेवमयः पिता।”
माता में सभी तीर्थों का और पिता में सभी देवताओं का वास माना गया है।
इस दिवस का उद्देश्य युवाओं को पारिवारिक मूल्यों, संस्कार और जिम्मेदारी की ओर प्रेरित करना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रश्न 1: 12 फरवरी 2026 को कौन-सी तिथि है?
उत्तर: दशमी तिथि दोपहर 12:22 तक है, उसके बाद एकादशी प्रारंभ हो जाएगी।
प्रश्न 2: आज राहुकाल कब है?
उत्तर: दोपहर 02:06 से 03:31 तक।
प्रश्न 3: क्या आज शुभ मुहूर्त है?
उत्तर: हाँ, अभिजीत मुहूर्त 12:19 से 01:04 तक शुभ है।
प्रश्न 4: आज कौन-सा योग है?
उत्तर: हर्षण योग रात्रि 03:06 (13 फरवरी) तक है।
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