आज का हिन्दू पंचांग 11 फरवरी 2026 –आज की तिथि, चौघड़िया और राहुकाल
हिंदू पंचांग भारतीय संस्कृति की वह आधारशिला है, जो केवल तिथि या वार की जानकारी नहीं देता, बल्कि हमारे दैनिक जीवन को संतुलित और अनुशासित बनाने का मार्गदर्शन करता है। प्राचीन काल से ही भारत में कोई भी शुभ कार्य पंचांग देखे बिना नहीं किया जाता था। इसका कारण यह है कि पंचांग खगोलीय गणनाओं, ग्रहों की स्थिति और प्रकृति के प्रभावों पर आधारित होता है।
आज का दिन, 11 फरवरी 2026 (बुधवार), फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष में आता है। यह समय आत्मचिंतन, संयम और मानसिक स्थिरता का माना गया है। आज अमृतसिद्धि योग और सर्वार्थसिद्धि योग का संयोग भी बन रहा है, जो इस दिन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।
जो लोग यह जानना चाहते हैं कि आज कौन सा कार्य शुभ रहेगा, किस समय क्या करना चाहिए, और किन कार्यों से बचना चाहिए, उनके लिए आज का पंचांग एक भरोसेमंद मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है। यही कारण है कि आज भी पंचांग को केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन का विज्ञान माना जाता है।
आज का पंचांग 11 फरवरी 2026 (उज्जैन मानक समय)
भारत में उज्जैन को कालगणना का प्रमुख केंद्र माना गया है। यहां के समय के अनुसार बनाए गए पंचांग को अधिक प्रामाणिक माना जाता है। आज के पंचांग के सभी तत्व खगोलीय गणनाओं पर आधारित हैं, जिनका प्रभाव हमारे मानसिक, शारीरिक और सामाजिक जीवन पर पड़ता है।
| पंचांग तत्व | विवरण |
|---|---|
| दिन | बुधवार |
| विक्रम संवत् | 2082 |
| अयन | उत्तरायण |
| ऋतु | शिशिर |
| मास | फाल्गुन |
| पक्ष | कृष्ण |
| तिथि | नवमी (09:58 तक), तत्पश्चात दशमी |
| नक्षत्र | अनुराधा (10:53 तक), तत्पश्चात ज्येष्ठा |
| योग | व्याघात (02:30 रात्रि तक), तत्पश्चात हर्षण |
| सूर्योदय | 07:02 |
| सूर्यास्त | 18:21 |
| राहुकाल | 12:41 से 14:06 |
| दिशा शूल | उत्तर |
पंचांग का उद्देश्य भय उत्पन्न करना नहीं है, बल्कि हमें समय के प्रति सजग बनाना है ताकि हम अनावश्यक बाधाओं से बच सकें।
आज की तिथि का महत्व: नवमी और दशमी का आध्यात्मिक संदेश
आज का दिन फाल्गुन कृष्ण नवमी तिथि से प्रारंभ होकर दशमी तिथि में प्रवेश करता है। नवमी तिथि को शास्त्रों में आत्मसंयम, शक्ति और चरित्र निर्माण से जोड़ा गया है। यह वह समय होता है जब व्यक्ति को अपने मन और इंद्रियों पर नियंत्रण रखने का अभ्यास करना चाहिए।
नवमी तिथि यह सिखाती है कि जीवन में वास्तविक शक्ति बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और अनुशासन में होती है। इसी कारण नवमी को साधना, उपवास और आत्मचिंतन के लिए उपयुक्त माना गया है।
09:58 के बाद जब दशमी तिथि प्रारंभ होती है, तो उसका संदेश विजय और सफलता से जुड़ा होता है। दशमी यह बताती है कि जो व्यक्ति आत्मसंयम सीख लेता है, वही जीवन की कठिन परिस्थितियों पर विजय प्राप्त करता है। इसलिए आज का दिन पुराने दोषों को छोड़कर नए, सकारात्मक संकल्प लेने के लिए विशेष रूप से अनुकूल है।
आज के शुभ योग: अमृतसिद्धि और सर्वार्थसिद्धि योग का प्रभाव
आज बनने वाले अमृतसिद्धि योग और सर्वार्थसिद्धि योग को अत्यंत शुभ माना गया है। ये योग सामान्य दिनों में नहीं बनते और जब बनते हैं, तो उनका प्रभाव व्यापक होता है।
अमृतसिद्धि योग का अर्थ है कि आज किए गए शुभ कार्य दीर्घकाल तक फल देते हैं। इस योग में लिया गया निर्णय बार-बार बदले बिना स्थिर रहता है और उसमें बाधाएँ कम आती हैं। विशेष रूप से शिक्षा, व्यापार, नौकरी और आध्यात्मिक साधना से जुड़े निर्णय आज अधिक सफल हो सकते हैं।
सर्वार्थसिद्धि योग यह संकेत देता है कि यदि व्यक्ति की भावना शुद्ध है और उद्देश्य सकारात्मक है, तो आज किया गया हर कार्य सिद्धि प्रदान करता है। यही कारण है कि आज दान, सेवा, पूजा और संकल्प को अत्यंत फलदायी माना गया है।
आज का शुभ मुहूर्त: सही समय पर कार्य करने का महत्व
पंचांग का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह समझाना है कि हर समय एक जैसा नहीं होता। सही समय पर किया गया कार्य कम प्रयास में अधिक सफलता प्रदान करता है।
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
-
प्रातः 07:30 से 09:30
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पूर्वाह्न 10:30 से 12:00
इन समयों में पूजा-पाठ, नया कार्य आरंभ करना, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ माना जाता है। इसके विपरीत, राहुकाल (12:41 से 14:06) में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है, ताकि अनावश्यक रुकावटों से बचा जा सके।
आज का चौघड़िया: दिनचर्या को व्यवस्थित करने का साधन
चौघड़िया समय विभाजन की एक प्राचीन पद्धति है, जो बताती है कि दिन का कौन सा भाग किस प्रकार के कार्य के लिए उपयुक्त है। इसका उद्देश्य जीवन में संतुलन बनाना है।
आज अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया में कार्य आरंभ करना विशेष रूप से फलदायी माना गया है। वहीं रोग और चाल चौघड़िया में केवल सामान्य या नियमित कार्य करने चाहिए। जो व्यक्ति चौघड़िया के अनुसार दिनचर्या बनाता है, उसके जीवन में अनावश्यक तनाव कम होता है।
आज के चौघड़िया की पूरी जानकारी यहाँ देखें
आज का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
आज समर्थ रामदासजी नवमी का पर्व है। यह दिन आत्मबल, राष्ट्रभाव और चरित्र निर्माण का संदेश देता है। इस अवसर पर माता-पिता और गुरु का पूजन विशेष फलदायी माना गया है।
शास्त्रों के अनुसार दशमी तिथि में कलंबी का शाक त्याज्य बताया गया है। यह नियम धार्मिक के साथ-साथ आयुर्वेदिक दृष्टि से भी माना गया है।
दशमी तिथि में कलंबी का शाक त्याज्य बताया गया है, जिसका उल्लेख ब्रह्मवैवर्त पुराण में मिलता है।
आज क्या करें: सकारात्मक परिणाम देने वाले कार्य
आज का दिन हमें संयम और संस्कार का महत्व सिखाता है। माता-पिता का सम्मान, ध्यान, जप, सेवा और दान जैसे कार्य आज विशेष फल देते हैं। शुभ योग में लिया गया कोई भी सकारात्मक संकल्प भविष्य में लाभदायक सिद्ध होता है।
आज क्या न करें: जिनसे हानि की संभावना रहती है
राहुकाल में शुभ कार्य, क्रोध, विवाद, अनैतिक आचरण और नकारात्मक संगति से आज विशेष रूप से बचना चाहिए। ये सभी कार्य मानसिक अशांति और बाधाओं का कारण बन सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
1. आज की तिथि क्या है?
Answers: फाल्गुन कृष्ण नवमी (09:58 तक), तत्पश्चात दशमी।
2. आज का शुभ समय कौन सा है?
Answers: प्रातः 07:30 से 09:30 और 10:30 से 12:00।
3. आज कौन सा योग विशेष है?
Answers: अमृतसिद्धि योग और सर्वार्थसिद्धि योग।
4. क्या आज यात्रा करना शुभ है?
Answers: हाँ, शुभ मुहूर्त और चौघड़िया में।
5. आज कौन सा भोजन वर्जित है?
Answers: दशमी तिथि में कलंबी का शाक।
पंचांग पर विश्वास क्यों करें
हिंदू पंचांग हमें अंधविश्वास नहीं, बल्कि समय के प्रति सजगता सिखाता है। जो व्यक्ति पंचांग को समझकर अपने कार्य करता है, वह परिस्थितियों से डरता नहीं, बल्कि उन्हें सही दिशा में उपयोग करना सीखता है। 11 फरवरी 2026 का दिन संयम, आत्मचिंतन और सकारात्मक निर्णयों के लिए अत्यंत उपयुक्त है।
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