घट में बसे रे भगवान, मंदिर में काँई ढूंढ़ती फिरे लिरिक्स
घट में बसे रे भगवान, मंदिर में काँई ढूंढ़ती फिरे लिरिक्स इन हिंदी
घट में बसे रे भगवान,
मंदिर में काँई ढूंढ़ती फिरे म्हारी सुरता ॥टेर॥
मुरती कोर मंदिर में मेली,
बा सुख से नहीं बोलै।
दरवाजे दरबान खड्या है,
बिना हुकम नहीं खोलै ॥1॥
गगन मण्डल से गंगा उतरी,
पाँचू कपड़ा धोले ।
बिण साबण तेरा मैल कटेगा,
हरभज निर्मल होले ॥2॥
सौदागर से सौदा करले,
जचता मोल करालै ।
जे तेरे मन में फर्क आवेतो,
घाल तराजू में तोले ॥3॥
नाथ गुलाब मिल्या गुरु पूरा,
दिल का परदा खोले ।
भानीनाथ शरण सतगुरु की,
राई कै पर्वत ओलै ॥4॥
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Ghat mein base re Bhagwan Bhajan Lyrics In Hindi
Ghat mein base re Bhagwan,
Mandir mein kai dhoondhati fire mhari surta. (Ter)
Murti kor mandir mein meli,
Ba sukh se nahi bolai,
Darwaze darbaan khadya hai,
Bina hukam nahi kholai. ①
Gagan mandal se Ganga utrii,
Paanchu kapda dhole,
Bin saaban tera mail katega,
Harbhaj nirmal hole. ②
Saudagar se sauda karle,
Jachta mol karalai,
Je tere man mein fark aaveto,
Ghaal tarazu mein tole. ③
Naath gulaab milya guru poora,
Dil ka parda kholai,
Bhaninath sharan Satguru ki,
Raai kai parvat olai. ④
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